फतेहाबाद का किसान बना जैविक खेती का उदाहरण: कम उपज के बावजूद मुनाफा लगातार बढ़ा

72
Organic Farming
Organic Farming

9 एकड़ में ऑर्गेनिक खेती कर रहा किसान

फतेहाबाद। जिले के एक प्रगतिशील किसान ने पारंपरिक खेती छोड़कर जैविक पद्धति अपनाई और अब वह क्षेत्र में दूसरों के लिए प्रेरणा बन गया है। किसान पिछले कई वर्षों से लगभग 9 एकड़ भूमि में पूरी तरह रासायनिक मुक्त खेती कर रहा है, जिसके कारण मिट्टी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। शुरुआत में उपज में कमी जरूर आई, लेकिन बाजार में ऑर्गेनिक उत्पादों की बढ़ती मांग ने उनकी आय को स्थिर बनाए रखा। आज किसान सालाना लगभग 4 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर रहा है।

किसान ने बताया कि रासायनिक खादों के लगातार उपयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति कम हो रही थी। इस समस्या को देखते हुए उन्होंने धीरे-धीरे रासायनिक खादों का उपयोग बंद कर गोबर, गौमूत्र, जीवामृत और घनजीवामृत का इस्तेमाल शुरू किया। इससे न केवल मिट्टी पुनर्जीवित हुई, बल्कि फसलें भी अधिक पौष्टिक और सुरक्षित होने लगीं। जैविक खेती से जमीन में नमी लंबे समय तक बनी रहती है और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है।

हालांकि उत्पादन पारंपरिक खेती की तुलना में कुछ कम रहता है, लेकिन किसान अपनी उपज को सीधे उपभोक्ताओं और स्थानीय ऑर्गेनिक बाजारों तक पहुंचाकर अच्छा मूल्य प्राप्त करता है। इससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और मुनाफा भी अधिक मिलता है।

उन्होंने यह भी बताया कि जैविक खेती में लागत कम आती है, लेकिन इसमें मेहनत व समय अधिक लगता है। खाद तैयार करना, फसलों पर जैविक घोल का छिड़काव और खेत की निगरानी — ये सब निरंतर ध्यान की मांग करते हैं।

गांव के कई किसान अब उनसे जैविक खेती की तकनीक सीखने के लिए संपर्क कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि सरकार मार्केटिंग और खरीद प्रणाली को मजबूत करे, तो अधिक किसान जैविक खेती की ओर रुख कर सकते हैं।

Loading