जीरी लूट की झूठी कहानी का पर्दाफाश

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Jind fake seizure
Jind fake seizure

शिकायतकर्ता ने ही रची पूरी साजिश, पुलिस संसाधनों का किया दुरुपयोग

जींद : जिला जींद पुलिस ने जीरी लूट की कथित वारदात का खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि घटना में कोई लूट नहीं हुई थी, बल्कि शिकायतकर्ता ने दो व्यक्तियों से बदला लेने की नीयत से यह पूरी कहानी खुद ही गढ़ी थी। जानकारी के अनुसार 26 नवंबर 2025 को राजवीर वासी झमोला ने पुलिस को सूचना दी कि वह जुलाना अनाज मंडी से जीरी की 568 बोरियां ट्रक में लादकर करनाल ले जा रहा था। रात करीब 12 बजे किनाना के पास एक ब्रेज़ा कार उसके ट्रक के आगे आकर रुकी और मुंह ढके व्यक्तियों ने रिवॉल्वर दिखाकर उसे अपनी कार में बैठाकर ट्रक को लेकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही चौकी CSRU में तैनात ASI रीना तुरंत सक्रिय हुईं और टीम के साथ जांच शुरू की। तकनीकी और भौतिक जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संदिग्ध ट्रक गांव सरसोद (बरवाला) में खड़ा है। टीम मौके पर पहुंची तो ट्रक में सभी बोरियां सही-सलामत मिलीं और किसी भी प्रकार की लूट या छेड़छाड़ नहीं पाई गई। ट्रक सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता से कड़ी पूछताछ की। इस पर उसने कबूल किया कि दो व्यक्तियों से बदला लेने के लिए उसने यह पूरी झूठी लूट की कहानी खुद रची थी। न तो लूट हुई थी और न ही किसी ने हथियार दिखाया था। पुलिस को भ्रमित करने और संसाधनों का गलत उपयोग कराने के कारण चौकी CSRU पुलिस ने राजवीर के खिलाफ धारा 217 BNS के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि पुलिस के कीमती समय और संसाधनों की बर्बादी भी करती हैं।

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