MEIAA पोर्टल से मिलेगी मंजूरी, नए प्राधिकरण और मूल्यांकन समिति का गठन
हरियाणा सरकार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब उद्योगों को पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने MEIAA (Mission Environmentally Integrated Approval Authority) के माध्यम से नई व्यवस्था लागू की है, जिससे निवेशकों और उद्यमियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई प्रणाली के तहत राज्य में पर्यावरणीय मंजूरी से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए एक विशेष प्राधिकरण और मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है। इस प्राधिकरण में प्रशासनिक और पर्यावरणीय अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त IAS और IFS अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि निर्णय प्रक्रिया निष्पक्ष, तकनीकी रूप से मजबूत और समयबद्ध हो सके।
सरकार का मानना है कि अब तक उद्योगों को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लंबी प्रक्रिया और कई विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे परियोजनाओं में देरी होती थी और निवेशक हतोत्साहित होते थे। नई व्यवस्था के तहत MEIAA के जरिए आवेदन, मूल्यांकन और मंजूरी की प्रक्रिया एक ही मंच से पूरी की जा सकेगी। इससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
मूल्यांकन समिति परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रभाव का परीक्षण करेगी और तय मानकों के आधार पर अपनी सिफारिशें देगी। इसके बाद प्राधिकरण समयसीमा के भीतर अंतिम निर्णय लेगा। सरकार का दावा है कि इससे उद्योगों को अनावश्यक देरी से छुटकारा मिलेगा और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि स्पष्ट नियम और अनुभवी अधिकारियों की भूमिका से उद्योग और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना आसान होगा। साथ ही, इससे राज्य में नए निवेश के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार सृजन को भी गति मिलेगी। सरकार के अनुसार, यह कदम हरियाणा को उद्योग-अनुकूल राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
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