NH-352D पर गलत बोर्ड से बढ़ी मुसीबत, सोनीपत में ड्राइवर रोज चुन रहे गलत रास्ता
हरियाणा के सोनीपत जिले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने आम वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। नेशनल हाईवे 352-डी पर लगाया गया गलत दिशा सूचक बोर्ड रोजाना सैकड़ों ड्राइवरों को भ्रमित कर रहा है। स्थिति यह है कि बाहरी जिलों से आने वाले वाहन चालक सही मार्ग की बजाय गलत रास्ते पर चले जा रहे हैं, जिससे समय, ईंधन और मानसिक तनाव तीनों बढ़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के अनुसार, हाईवे पर लगाया गया बोर्ड मार्ग की सही जानकारी नहीं देता। बोर्ड पर जिस दिशा को मुख्य मार्ग दर्शाया गया है, वह वास्तव में वैकल्पिक या गलत रास्ते की ओर ले जाता है। खासकर वे ड्राइवर जो पहली बार इस मार्ग से गुजर रहे होते हैं, वे बोर्ड पर भरोसा कर गलत दिशा में मुड़ जाते हैं और बाद में उन्हें कई किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।
कई ट्रक, बस और निजी वाहन चालक रोजाना इस समस्या का सामना कर रहे हैं। गलत रास्ते पर जाने के बाद जब उन्हें गलती का एहसास होता है, तब तक वे काफी दूर निकल चुके होते हैं। कई बार संकरे ग्रामीण रास्तों पर भारी वाहन फंस जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति भी बन जाती है और स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि हाईवे अथॉरिटी की ओर से न तो बोर्ड को ठीक कराया गया और न ही वैकल्पिक चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जिससे स्थिति दिन-ब-दिन और बिगड़ती जा रही है।
वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस तरह की गलती गंभीर हादसों का कारण भी बन सकती है। अचानक गलत मोड़ लेने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, खासकर रात के समय या कोहरे के दौरान। कुछ ड्राइवरों ने बताया कि जीपीएस भी कई बार इसी बोर्ड के कारण भ्रमित कर देता है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गलत बोर्ड को हटाकर सही दिशा सूचक संकेत लगाए जाएं। साथ ही, जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अस्थायी चेतावनी बोर्ड या पुलिस की तैनाती की जाए, ताकि वाहन चालकों को सही मार्ग की जानकारी मिल सके।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नेशनल हाईवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में निगरानी और गुणवत्ता जांच कितनी प्रभावी है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है।
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