हरियाणा के सिरसा जिले में गेहूं फसल अवशेष और खेतों में आग लगाने के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के तहत अब तक मिली 254 शिकायतों पर जांच की गई है। इनमें से तीन किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 69 लोगों पर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार खेतों में आग लगाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं, जिससे पर्यावरण और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा आग के कारण कई बार दूसरे खेतों और संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को पहले भी जागरूक किया गया था और वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी गई थी।
जिला प्रशासन ने बताया कि उपग्रह निगरानी और स्थानीय टीमों की मदद से आगजनी की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित क्षेत्रों में जांच कर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। साथ ही धुएं के कारण लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं। सरकार किसानों को मशीनों और अन्य विकल्पों के माध्यम से पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में आग लगाने से बचें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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