पॉक्सो और अपहरण मामले में आरोपी को राहत, हाईकोर्ट से मिली नियमित जमानत

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POCSO Case

पॉक्सो और अपहरण से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट ने आरोपी को नियमित जमानत देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी को बिना ट्रायल पूरा हुए अनिश्चितकाल तक जेल में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी को कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि संबंधित लड़की अपनी इच्छा से आरोपी के साथ गई थी और मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अभी पूरी तरह न्यायिक परीक्षण के अधीन है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपी लंबे समय से जेल में बंद है और ट्रायल पूरा होने में अभी समय लग सकता है।

वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता का हवाला दिया। सरकारी पक्ष ने अदालत से कहा कि पॉक्सो जैसे मामलों में पीड़िता की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार किया।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जमानत देने का मतलब आरोपों से बरी करना नहीं है। मामले की सुनवाई और ट्रायल आगे भी जारी रहेगा। कोर्ट ने आरोपी को जांच में सहयोग करने और तय शर्तों का पालन करने के निर्देश भी दिए हैं।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अदालतें आरोपों की गंभीरता के साथ-साथ आरोपी के संवैधानिक अधिकारों और ट्रायल की अवधि को भी ध्यान में रखती हैं। फिलहाल मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है।

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