दिव्यांग युवक को जाल में फंसाने की साजिश, डिजिटल सबूत आए सामने

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Panipat honeytrap case

दोस्ती से ब्लैकमेलिंग तक का खेल, मैसेज और चैट से खुली पूरी कहानी

हरियाणा के पानीपत में एक दिव्यांग युवक को हनीट्रैप में फंसाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रकरण ने न केवल साइबर अपराध, बल्कि कमजोर वर्गों को निशाना बनाए जाने की साजिश को भी उजागर किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला ने योजनाबद्ध तरीके से युवक को अपने जाल में फंसाया।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पहले किसी बहाने युवक का मोबाइल नंबर हासिल किया। इसके बाद मैसेज के जरिए बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती का माहौल बनाया गया। चैटिंग के दौरान भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने युवक को डिनर के लिए मिलने बुलाया। युवक के अनुसार, वह किसी गलत मंशा से नहीं गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद हालात बदल गए।

आरोप है कि आरोपी ने युवक को निजी पलों में उलझाकर उसके कपड़े उतरवाए और चोरी-छिपे वीडियो बना ली। इसके बाद वही वीडियो ब्लैकमेलिंग का हथियार बन गई। आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग शुरू कर दी। डर और सामाजिक बदनामी के भय के चलते युवक मानसिक तनाव में चला गया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब युवक ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान व्हाट्सऐप चैटिंग, कॉल डिटेल और वीडियो से जुड़े अहम डिजिटल सबूत सामने आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चैट रिकॉर्ड से साफ है कि पूरी घटना पहले से सोची-समझी साजिश थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर एक्सपर्ट की मदद से सभी डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके।

यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया और मोबाइल चैट के जरिए बनाए जाने वाले रिश्तों में सतर्कता बेहद जरूरी है। खासकर दिव्यांग और कमजोर वर्ग के लोगों को ऐसे अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता और सख्त कानून लागू करने की जरूरत है।

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