युवाओं ने नशे के खिलाफ संभाली कमान, शहर की सड़कों पर दिखी जागरूकता की ताकत

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Narnaul walkathon

शैक्षणिक परिसर से निकली जन-जागरूकता यात्रा, समाज को नशामुक्त बनाने का आह्वान

नारनौल में नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ जन-जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक एंटी-ड्रग वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। वॉकाथॉन की शुरुआत पीजी कॉलेज परिसर से हुई और यह शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई विभिन्न चौक-चौराहों तक पहुंची।
प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया। “नशा नहीं, भविष्य चुनो” और “स्वस्थ युवा, सशक्त समाज” जैसे नारों के साथ शहर में सकारात्मक संदेश फैलाया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना और समाज में इसके खिलाफ सामूहिक जिम्मेदारी का भाव पैदा करना था।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज की नींव को भी कमजोर करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गलत संगत और तात्कालिक आकर्षण से बचें तथा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि जागरूकता और समय पर मार्गदर्शन से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
शहरवासियों ने भी वॉकाथॉन का स्वागत किया और कई स्थानों पर लोगों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि एक निरंतर अभियान का हिस्सा होने चाहिए। भविष्य में स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों में संवाद, काउंसलिंग और खेल गतिविधियों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की योजना बनाई जा रही है।
यह वॉकाथॉन नारनौल में नशे के खिलाफ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरी, जिसने यह संदेश दिया कि अगर समाज मिलकर प्रयास करे, तो इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।

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