‘एक्स’ ऐप पर ब्रिटेन सरकार की नजर, डेटा और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जा रहा
ब्रिटेन में सोशल मीडिया ऐप ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) को बैन किए जाने की संभावना ने विवाद को जन्म दे दिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस ऐप के मालिक एलन मस्क को चेतावनी दी है कि अगर ऐप स्थानीय डेटा सुरक्षा और कंटेंट नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है।
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को यूजर्स का डेटा सुरक्षित रखने और प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री रोकने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ‘एक्स’ ऐप पर आरोप है कि यह ब्रिटेन के नियमों के मुताबिक यूजर डेटा को प्रोटेक्ट करने में विफल रहा है। इसके अलावा, हेट स्पीच, फेक न्यूज और अवैध कंटेंट पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई।
प्रधानमंत्री स्टारमर ने मस्क को साफ तौर पर कहा कि अगर ऐप ने नियामक जरूरतों का पालन नहीं किया, तो ब्रिटेन में इसे पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके अलावा, नियामक एजेंसियों ने प्लेटफॉर्म को चेतावनी देते हुए समय सीमा भी दी है, जिसके भीतर सभी सुरक्षा उपाय लागू करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ब्रिटेन ने ऐप पर बैन लगा दिया, तो इसका वैश्विक प्रभाव पड़ेगा। मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पहले ही कई देशों में डेटा प्रोटेक्शन और कंटेंट मॉडरेशन विवादों में घिरे हैं। ब्रिटेन के बैन की स्थिति में ऐप के यूजर्स और व्यवसाय दोनों प्रभावित होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘एक्स’ ऐप के यूजर्स में चिंता बढ़ गई है। कई व्यवसाय और विज्ञापनदाता भी ऐप पर अपने प्रचार को लेकर असमंजस में हैं। ब्रिटेन सरकार ने संकेत दिया है कि यह कदम यूजर्स के सुरक्षा और देश के कानूनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
कुल मिलाकर, ब्रिटेन में ‘एक्स’ ऐप विवाद अब राजनीतिक, तकनीकी और कानूनी मोर्चों पर गर्म हो गया है। मस्क और ब्रिटेन सरकार के बीच बातचीत के परिणाम पर तय होगा कि ऐप पर प्रतिबंध लगेगा या नहीं।
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