तनाव के बीच निकली नशा विरोधी यात्रा, सियासत गरमाई

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Fatehabad anti-drug march

झगड़े की आशंका के बावजूद निकाली गई यात्रा; BJP नेता बोले- गोली खाने को भी तैयार, पुलिस ने दी थी चेतावनी

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में झगड़े और तनाव की आशंका के बावजूद नशा विरोधी यात्रा निकाले जाने से माहौल गरमा गया। प्रशासन की ओर से पहले ही यात्रा को लेकर सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की गैरजरूरी परिस्थिति न बनाने की अपील की गई थी, लेकिन इसके बावजूद यात्रा निकाली गई। इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार, नशे के खिलाफ जनजागरूकता के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही थी। पुलिस ने आयोजकों को पहले ही आगाह किया था कि क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाए। फतेहाबाद पुलिस का कहना था कि किसी भी तरह की टकराव वाली स्थिति से बचना जरूरी है।

यात्रा के दौरान BJP से जुड़े एक नेता ने तीखा बयान देते हुए कहा कि वे नशे के खिलाफ आवाज उठाने के लिए गोली खाने को भी तैयार हैं। उनका कहना था कि नशे ने युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है और इसके खिलाफ संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं।

यात्रा के दौरान पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। हालांकि, कहीं-कहीं नारेबाजी और तीखी टिप्पणियों के चलते तनाव का माहौल जरूर बना, लेकिन पुलिस की सतर्कता से स्थिति नियंत्रण में रही।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी यात्रा को रोकना नहीं था, बल्कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता थी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी तरह की हिंसा या टकराव की स्थिति बनती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, आयोजकों का कहना है कि नशा समाज की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है और इसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यात्रा का मकसद केवल जागरूकता फैलाना है।

यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सामाजिक मुद्दों पर निकाली जाने वाली गतिविधियां भी जब राजनीति से जुड़ जाती हैं, तो तनाव का कारण बन सकती हैं।

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