पारा रिकॉर्ड निचले स्तर पर, मौसम एजेंसी ने जारी की चेतावनी
जिले में सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। देर रात से लेकर सुबह तक घने कोहरे और ठंडी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालात ऐसे रहे कि कई इलाकों में दृश्यता बेहद सीमित हो गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। सुबह के समय वाहन चालकों को लाइट जलाकर और बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। बीती रात पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे ठंडे आंकड़ों में शामिल है। ठंड और नमी के कारण खुले स्थानों पर ओस और जमी हुई परत नजर आई, जिससे फिसलन का खतरा भी बढ़ गया। सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोग ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त कपड़ों का सहारा लेते दिखे।
घने कोहरे का असर सबसे ज्यादा हाईवे और संपर्क मार्गों पर देखा गया। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जबकि कुछ स्कूलों में बच्चों को देर से पहुंचना पड़ा। रेलवे स्टेशनों पर भी ट्रेनों के देरी से पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और बेहद सावधानी के साथ ड्राइव करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ठंड बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है। ठंडी हवा और नमी के कारण सर्दी-जुकाम, खांसी और जोड़ों के दर्द की शिकायतें बढ़ सकती हैं। लोगों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय पदार्थ लेने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में नागरिकों को मौसम से जुड़ी अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है। यह स्थिति एक बार फिर सर्दियों में सतर्कता और तैयारी की अहमियत को रेखांकित करती है।
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