पुलिस सत्यापन के बिना अब नहीं होगा दाखिला, बाहरी छात्रों और स्टाफ की निगरानी में 3 विशेष टीमें तैनात
आतंकी लिंक सामने आने के बाद हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब विश्वविद्यालय में किसी भी छात्र का दाखिला पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही किया जाएगा। इसके साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले छात्रों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए तीन विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सामने आए सुरक्षा इनपुट के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग ने यूनिवर्सिटी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। जांच में यह बात सामने आई कि कैंपस में पढ़ने वाले और काम करने वाले कई लोग बाहरी राज्यों से हैं, जिनका रिकॉर्ड और गतिविधियों का सत्यापन पहले पूरी तरह नहीं हो पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए अब नए और पुराने दोनों तरह के छात्रों व स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन टीमें अलग-अलग स्तर पर निगरानी का काम करेंगी। एक टीम छात्रों की जानकारी और पृष्ठभूमि की जांच करेगी, दूसरी टीम कर्मचारियों और आउटसोर्स स्टाफ पर नजर रखेगी, जबकि तीसरी टीम कैंपस और आसपास की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करेगी। संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन को भी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें प्रवेश रजिस्टर, आईडी कार्ड जांच, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और आगंतुकों का पूरा रिकॉर्ड रखना शामिल है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और इस तरह की सख्ती भविष्य में किसी भी खतरे को टालने में मदद करेगी।
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