अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन की प्रदेश इकाई की ओर से सत्यनारायण शिव मंदिर, अनाज मंडी में ‘एक शाम बुजुर्गों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के वरिष्ठजनों के अनुभव, स्नेह और योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ उनके साथ खुशियों के पल साझा करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत बुजुर्गों के आत्मीय स्वागत के साथ हुई। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने वरिष्ठजनों का अभिनंदन किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। इसके बाद विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें बुजुर्गों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
मनोरंजक खेलों ने कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बनाया। वरिष्ठजनों ने न केवल इनमें हिस्सा लिया, बल्कि अपने उत्साह से आयोजन को और यादगार बना दिया। इस दौरान आपसी संवाद और हंसी-मजाक के बीच बुजुर्गों ने खुशी के पल बिताए।
कार्यक्रम में नाटक और नृत्य की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मौजूद लोगों का मनोरंजन किया। वहीं भजनों की मधुर धुनों ने आयोजन को भक्तिमय रंग दिया। भजनों पर कई बुजुर्ग उत्साह के साथ झूमते नजर आए और उन्होंने खुलकर अपनी खुशी व्यक्त की।
आयोजकों ने कहा कि परिवार और समाज के निर्माण में बुजुर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। ऐसे में उनके साथ समय बिताना और उनकी बातों व अनुभवों को सुनना समाज में आपसी जुड़ाव को मजबूत करता है।
अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन की प्रदेश अध्यक्ष अनीता जैन और प्रदेश कोषाध्यक्ष अनु गोयल ने कहा कि ‘एक शाम बुजुर्गों के नाम’ जैसे कार्यक्रम वरिष्ठजनों के साथ समय बिताने का सार्थक माध्यम हैं। इससे उन्हें सम्मान और अपनापन मिलने के साथ समाज में उनकी अहमियत का संदेश भी जाता है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन के अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। आयोजन के समापन पर वरिष्ठजनों को मालाएं पहनाकर और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
पूरे आयोजन में आत्मीयता, सम्मान और उल्लास का माहौल रहा। बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी और उनके चेहरों पर दिखाई दी खुशी ने कार्यक्रम के उद्देश्य को सार्थक बनाया। आयोजकों ने भविष्य में भी वरिष्ठजनों के सम्मान और सामाजिक जुड़ाव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की भावना व्यक्त की।
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