अंबाला में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरी, छह मजदूरों की मौत; निर्माण की जांच होगी

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Ambala Building Collapse

अंबाला के धूलकोट गांव में रविवार दोपहर निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का पिछला हिस्सा गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। चार घायलों का अंबाला सिटी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए एनडीआरएफ और अन्य टीमों ने रातभर अभियान चलाया। करीब 15 घंटे बाद बचाव अभियान बंद किया गया।

हादसा दोपहर करीब तीन बजे हुआ। उस समय इमारत की पहली मंजिल पर प्लास्टर, दूसरी पर फर्श और तीसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। वहां काम कर रहे कर्मजीत के अनुसार, तीनों मंजिलों पर मजदूर मौजूद थे। अचानक लेंटर बैठा और इमारत का पिछला हिस्सा नीचे तक ढह गया। कुछ मजदूरों ने कूदकर जान बचाई, जबकि अन्य मलबे में दब गए।

हादसे में मारे गए मिस्त्री रामजी दास के बेटे संदीप ने कहा कि उनके पिता ग्राउंड फ्लोर पर प्लास्टर कर रहे थे। संदीप के अनुसार, इमारत जग्गी प्रॉपर्टीज की है। हालांकि, एसपी अजीत शेखावत ने कहा कि इमारत के मालिक की पहचान की जा रही है। उन्होंने निर्माण अनधिकृत पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही।

इसी इमारत में काम कर चुके बिहार के पूर्णिया निवासी मजदूर रामचंद्र ने आरोप लगाया कि लेंटर के लिए की गई शटरिंग ठीक नहीं थी और इसी वजह से उन्होंने दो दिन पहले काम छोड़ दिया था। एक अन्य मजदूर कर्ण के अनुसार, निर्माण के दौरान करीब हर 15 दिन बाद लेंटर डाला जा रहा था। ये मजदूरों के दावे हैं; इमारत गिरने का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

जिलाधिकारी सचिन गुप्ता ने कहा कि निर्माण शुरू होने की तारीख और उसकी अनुमति की जांच कराई जाएगी। इसके लिए नगर निगम और तहसील के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, जमीन पर निर्माण का ठेका 13 जून 2026 को मलकीत सिंह को दिया गया था। प्रशासन इमारत और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

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