शराब तस्करी केस में लॉ स्टूडेंट आकाश को जमानत, जांच में सीधा कनेक्शन नहीं मिलने पर कोर्ट ने दी राहत

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Ambala Liquor Smuggling

अंबाला, हरियाणा। फर्जी दस्तावेज और ई-वे बिल तैयार कर चावल के छिलके के नीचे छिपाकर 990 पेटी अंग्रेजी शराब बिहार ले जाने के हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार रोहतक जिले के 23 वर्षीय लॉ स्टूडेंट आकाश को अदालत से जमानत मिल गई है। छात्र सितंबर से जेल में बंद था। उसने परीक्षा की तैयारी करने के लिए अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) अरविंद कुमार बंसल की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी।

अदालत ने आकाश को 50 हजार रुपये के जमानती बॉन्ड और इतनी ही राशि की एक जमानत प्रस्तुत करने पर रिहा करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जांच की मौजूदा स्थिति में छात्र का इस मामले से सीधा संबंध सामने नहीं आया है। इसी आधार पर उसे जमानत देने का आदेश पारित किया गया। आकाश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है।

फर्जी दस्तावेजों से शराब बिहार ले जाने का आरोप

यह मामला अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और ई-वे बिल के जरिए बिहार ले जाने से जुड़ा है। आरोप है कि शराब की 990 पेटियों को चावल के छिलके के नीचे छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे शराब तस्करी के हाई-प्रोफाइल मामलों में शामिल बताया गया।

इस संबंध में एएसआई विशाल कुमार की शिकायत पर अंबाला कैंट के थाना पड़ाव में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को दर्ज एफआईआर नंबर 271 में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने, कूटरचित दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के साथ हरियाणा आबकारी अधिनियम, 2020 की संबंधित धाराएं लगाई गई थीं। पुलिस की जांच शराब की खेप, परिवहन में इस्तेमाल दस्तावेजों और मामले से जुड़े लोगों की भूमिका पर केंद्रित रही है।

फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद आकाश को राहत मिली है। हालांकि, जमानत का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी रहने के अनुसार अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।

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