महेंद्रगढ़, हरियाणा। दक्षिण हरियाणा के किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महेंद्रगढ़ जिले से जुड़ी जवाहर लाल कैनाल की जल प्रवाह क्षमता बढ़ाकर 2000 क्यूसेक करने के प्रस्ताव को विभागीय मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से महेंद्रगढ़ सहित आसपास के कई क्षेत्रों में नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव ने किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं और नहरी पानी की मांग को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया था। उनके प्रयासों के बाद संबंधित विभाग ने नहर की क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
सालावास से धनौंदा तक जाती है जवाहर लाल कैनाल
जवाहर लाल कैनाल रेवाड़ी जिले के कोसली क्षेत्र के पास स्थित सालावास से निकलकर महेंद्रगढ़ जिले के धनौंदा तक पहुंचती है। इसके अतिरिक्त नारनौल ब्रांच के माध्यम से नहरी पानी नारनौल क्षेत्र तक पहुंचाया जाता है। यह नहर दक्षिण हरियाणा के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नहर की क्षमता 2000 क्यूसेक किए जाने से भविष्य में अधिक मात्रा में पानी प्रवाहित करने की सुविधा विकसित हो सकेगी। इससे सिंचाई के लिए नहरी पानी पर निर्भर किसानों को राहत मिलने की संभावना है।
छह क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित क्षमता वृद्धि का फायदा कोसली, महेंद्रगढ़, सतनाली, अटेली, नारनौल और नांगल चौधरी क्षेत्रों के किसानों को मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में खेती के लिए नहरी पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
क्षमता बढ़ने से किसानों को सिंचाई के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, वास्तविक जल आपूर्ति उपलब्ध पानी, वितरण व्यवस्था और आवश्यक तकनीकी कार्यों के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
विभागीय मंजूरी के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। निर्माण या विस्तार कार्य शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल इस निर्णय को दक्षिण हरियाणा की सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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