जनसभा में तीखे तेवर, विपक्षी दलों की मिलीभगत पर उठाए सवाल
पंजाब के सनौर में पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर अपने सियासी विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अकाली दल और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दोनों दल आपस में मिले हुए हैं और जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए इन दलों ने जनता के हितों की अनदेखी की और अब भी राजनीतिक लाभ के लिए एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उनके इस बयान से प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने हरियाणा को पानी दिए जाने के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के हक का पानी किसी भी कीमत पर बाहर नहीं जाने दिया जाएगा और हरियाणा को एक बूंद पानी भी नहीं दिया जाएगा। इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल और गरमा गया है, क्योंकि यह मुद्दा पहले से ही दोनों राज्यों के बीच संवेदनशील बना हुआ है।
सभा में मौजूद समर्थकों ने मुख्यमंत्री के बयान का जोरदार समर्थन किया। वहीं, विपक्षी दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रिया आना भी तय माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिए जा रहे हैं, ताकि जनता के बीच मजबूत संदेश दिया जा सके।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
![]()











