हरियाणा के रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसी दौरान उन्होंने हरियाणवी अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा, “भाजपा में कौन बाबू, मन्नै कोनी बेरा”, और आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी की जा रही है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और संस्थाओं का सम्मान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार इन मूल्यों का पालन करने में विफल रही है। उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास, रोजगार, किसानों और आम जनता से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उनका कहना था कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सभी संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।
वहीं, भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आना बाकी है। राजनीतिक मामलों में विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं और ऐसे बयानों को राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जाता है। इस मामले में संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल भूपेंद्र सिंह हुड्डा का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं। प्रदेश की राजनीति में ऐसे बयान अक्सर नई बहस और राजनीतिक गतिविधियों को जन्म देते हैं।
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