चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर प्रशासन की सख्ती एक बार फिर देखने को मिली है। बिना आवश्यक फूड लाइसेंस के मिठाई तैयार करने और बेचने के मामले में एक कारोबारी को अदालत ने जेल भेज दिया। यह मामला सामने आने के बाद शहर के खाद्य कारोबारियों में भी हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार संबंधित कारोबारी पर बिना वैध लाइसेंस के लड्डू, बर्फी और अन्य मिठाइयों का निर्माण करने का आरोप था। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच के दौरान नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान कारोबारी की ओर से कानूनी दलीलों की बजाय अदालत से माफी मांगे जाने की बात सामने आई।
अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। न्यायालय का मानना था कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। इसके बाद कारोबारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री तैयार करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी खाद्य कारोबारियों के लिए लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मिठाई दुकानदारों और खाद्य कारोबारियों में सतर्कता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, इसलिए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। प्रशासन ने लोगों से भी केवल लाइसेंसधारी और प्रमाणित दुकानों से खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की है।
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