Chandigarh स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कथित 116.84 करोड़ रुपये के घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) नलिनी अब सरकारी गवाह बनने को तैयार हो गई हैं। इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों को घोटाले से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, नलिनी ने जांच में सहयोग करने और परियोजना से जुड़े अधिकारियों व वित्तीय प्रक्रियाओं की जानकारी साझा करने की सहमति दी है। माना जा रहा है कि उनके बयान से यह स्पष्ट हो सकता है कि कथित अनियमितताएं किस स्तर पर हुईं और किन लोगों की इसमें भूमिका रही।
जांच एजेंसियां पहले से ही स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुए भुगतान, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। आरोप है कि परियोजना में नियमों की अनदेखी करते हुए करोड़ों रुपये के भुगतान किए गए और कई स्तरों पर गड़बड़ियां हुईं। मामले के सामने आने के बाद कई अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कार्रवाई की गई थी।
नलिनी के सरकारी गवाह बनने से जांच को नई दिशा मिलने की संभावना है। अधिकारियों का मानना है कि अंदरूनी जानकारी मिलने से मनी ट्रेल, फाइल मूवमेंट और फैसलों की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी। जांच एजेंसियां अब उन दस्तावेजों और बयानों का मिलान कर रही हैं जो पहले से रिकॉर्ड में मौजूद हैं।
मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकारी परियोजनाओं की निगरानी को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की नजर आगामी कानूनी कार्रवाई और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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