हरियाणा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक कथित फर्जी कॉल सेंटर और साइबर ठगी नेटवर्क पर छापेमारी करते हुए 21 लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क विदेशों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर उनसे धोखाधड़ी करने का काम करता था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित खुद को एक प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनी के अधिकारी या ग्राहक सेवा प्रतिनिधि बताकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे। बातचीत के दौरान वे लोगों को विभिन्न बहानों से अपने झांसे में लेते और उनसे बैंकिंग या भुगतान संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते थे। इसके बाद कथित तौर पर आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान परिसर से करीब 11 लाख रुपये नकद, कई कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हेडसेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा नोट गिनने की मशीन भी मिली, जिसे जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क, इसके संचालकों और आर्थिक लेनदेन के स्रोतों का पता लगाया जा सके। यह भी जांच की जा रही है कि कथित गिरोह कितने समय से सक्रिय था और कितने लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए लोगों को किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या संदेश पर अपनी व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। पुलिस ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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