देहरादून में हॉस्टलों और पीजी में अवैध शराब की सप्लाई के आरोप में पुलिस ने हरियाणा के हांसी निवासी गर्वित उर्फ विक्रांत, उसकी मां और साथी आदित्य को गिरफ्तार किया है। 25 वर्षीय गर्वित उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई करता है। पुलिस का आरोप है कि वह कैफे की आड़ में दिल्ली और हरियाणा से शराब लाकर विद्यार्थियों को बेच रहा था।
पुलिस के अनुसार गर्वित वर्ष 2022 में पढ़ाई के लिए देहरादून आया था। इसी दौरान उसने बिधौली और प्रेमनगर क्षेत्र के हॉस्टलों तथा पीजी में शराब की सप्लाई शुरू की। बाद में परिवार को भी देहरादून बुला लिया और बिधौली क्षेत्र में तीन कैफे खोले। जांच में इन कैफे की गतिविधियों और कथित शराब नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि शराब पहुंचाने के लिए आसपास के युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों को काम पर रखा गया था। उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये तक वेतन दिया जाता था। ऑर्डर और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए साझा की जाती थी। हॉस्टलों और पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों तक शराब पहुंचाने का आरोप है।
इस नेटवर्क की जांच 25 अगस्त की रात बिधौली क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद आगे बढ़ी। आबकारी टीम ने एक कार और दो स्कूटी जब्त कर दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में गर्वित का नाम सामने आया।
गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर एक घर में छापेमारी की गई, जहां बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। उस दौरान गर्वित की मां को गिरफ्तार किया गया था, जबकि गर्वित मौके से फरार हो गया था। अब उसकी गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने दावा किया है कि कथित अवैध कारोबार से उत्तराखंड सरकार को दस करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान हुआ। यह राशि पुलिस का आकलन है। मामले में शराब की आपूर्ति, बिक्री और अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
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