गुरुग्राम में हिरासत से रिहा होने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी ने वीडियो जारी कर पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि शनिवार सुबह उन्हें केंद्रीय विहार स्थित घर से जबरन ले जाया गया और करीब 22 से 23 घंटे तक हिरासत में रखा गया। राठी ने इस कार्रवाई को ‘किडनैपिंग’ बताया।
ध्रुव के मुताबिक, सादे कपड़ों में करीब 50 लोग उनके घर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी मां को धक्का देकर घर में प्रवेश किया गया और उन्हें बेडरूम से घसीटकर जीप में बैठाया गया। उनका कहना है कि इस दौरान उनके हाथ और शरीर पर चोटें आईं। उन्होंने हिरासत के दौरान वकील से बात करने की अनुमति नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।
वीडियो में ध्रुव ने अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाते हुए नागरिकता को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय नागरिक हैं और देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते रहेंगे।
राठी ने देश की मौजूदा स्थिति को ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग, मीडिया और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया।
इस घटनाक्रम से पहले ध्रुव ने जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। सात अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के सहयोग से जारी वीडियो में अभिजीत दीपके और अभिनेता प्रकाश राज भी नजर आए थे। नौ अक्टूबर को इंडिया गेट से जारी दूसरे वीडियो में उन्होंने लोगों से दिल्ली के प्रदर्शन में पहुंचने को कहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ध्रुव को गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित क्राइम ब्रांच थाने में रखा गया और शनिवार-रविवार की रात करीब तीन बजे छोड़ दिया गया। उनके बताए हिरासत के समय और पुलिस सूत्रों की समय-संबंधी जानकारी में अंतर है। उपलब्ध विवरण में उनके आरोपों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष शामिल नहीं है।
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