निलंबित डीआईजी से जुड़े बहुचर्चित मामले में जांच अब और तेज हो गई है। अदालत ने गिरफ्तारी से जुड़े अहम सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित न रखने पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने संबंधित जिला प्रशासन के एक अधिकारी को तलब किया है।
जानकारी के अनुसार, डीसी कार्यालय में कार्यरत सुपरिंटेंडेंट को इस मामले में बुलाया गया है, क्योंकि गिरफ्तारी के दौरान की रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं रखी गई। कोर्ट ने इसे जांच प्रक्रिया में बाधा मानते हुए सख्त टिप्पणी की है और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज इस पूरे घटनाक्रम में अहम सबूत हो सकता था, जिससे गिरफ्तारी की प्रक्रिया और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि हो सकती थी। ऐसे में फुटेज का गायब होना या सुरक्षित न रहना कई सवाल खड़े करता है।
इसी बीच, मामले की जांच अब उच्च स्तर तक पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों, जिनमें आईपीएस और आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं, से जल्द पूछताछ की जा सकती है। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच का दायरा व्यापक हो रहा है और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश तेज कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखते हुए हर पहलू की जांच की जाएगी। कोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है और संबंधित विभागों को रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जिससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकेगी।
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