ईडी की कार्रवाई तेज: सिद्दीकी पर फंड के दुरुपयोग

71
ED investigation
ED investigation

जांच एजेंसी का बड़ा खुलासा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अलफलाह से जुड़े मामले में बड़ा दावा किया है। एजेंसी के अनुसार चेयरमैन सिद्दीकी विदेश भागने की तैयारी में था और उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। ईडी ने अदालत में बताया कि अलफलाह संस्था की कमाई को “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” माना गया है, जिसका एक बड़ा हिस्सा सिद्दीकी द्वारा व्यक्तिगत उपयोग में खर्च किया गया।

जांच में सामने आया है कि संस्था की आय को वैध व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर दिखाया गया, लेकिन धन का प्रवाह और लेन-देन संदिग्ध पाए गए। एजेंसी का आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल निजी यात्राओं, लग्जरी सामान, महंगे होटलों और व्यक्तिगत सुविधाओं पर किया गया। ईडी का कहना है कि इतने बड़े वित्तीय अनियमितताओं के कारण सिद्दीकी से गहन पूछताछ जरूरी थी।

एजेंसी का दावा है कि उसे विश्वसनीय इनपुट मिले थे कि सिद्दीकी देश छोड़ने की योजना बना चुका था और उसके पास विदेश जाने से संबंधित दस्तावेज भी तैयार थे। इसी संभावना को देखते हुए ईडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे रोका और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू की।

अलफलाह से जुड़े बैंक खातों, फंड ट्रांसफर और निवेश की जांच जारी है। ईडी का कहना है कि संस्था का बड़ा हिस्सा वास्तविक उद्देश्य से भटक गया था और इसका उपयोग केवल कमाई निकालने और निजी लाभ के लिए किया गया। जांच टीम अब फंडिंग के सोर्स, फर्जी दस्तावेजों और संभावित सहयोगियों की भूमिका का विश्लेषण कर रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईडी के आरोप साबित होते हैं, तो मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सिद्दीकी को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। आगे की कार्रवाई न्यायालय और जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

Loading