फरीदाबाद में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली पेंट बेचने का आरोप, दुकान से 6 बाल्टियां बरामद; मालिक पर केस

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Faridabad Fake Paint Case

फरीदाबाद : शहर के SGM नगर इलाके में एक नामी पेंट कंपनी के नाम पर कथित नकली पेंट बेचने का मामला सामने आया है। कंपनी की ओर से मिली शिकायत के बाद पुलिस ने एक पेंट एवं हार्डवेयर की दुकान पर कार्रवाई करते हुए छह बाल्टियां बरामद की हैं। पुलिस ने दुकान मालिक विकास गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक एशियन पेंट्स के कॉपीराइट और ट्रेडमार्क से संबंधित मामलों की जांच करने वाली टीम को सूचना मिली थी कि SGM नगर क्षेत्र में एक दुकान पर कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर कथित नकली पेंट बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर कंपनी की ओर से जांच अधिकारी अनुज कुमार ने पुलिस को शिकायत दी।

शिकायत मिलने के बाद SGM नगर थाना पुलिस की टीम कंपनी के जांच अधिकारी के साथ पटेल चौक के पास स्थित गुप्ता पेंट एंड हार्डवेयर, दुकान नंबर D-121 पर पहुंची। पुलिस के अनुसार दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम विकास गुप्ता बताया और खुद को प्रतिष्ठान का मालिक बताया।

दुकान की तलाशी के दौरान एशियन पेंट्स के नाम वाली छह बाल्टियां मिलीं। शिकायतकर्ता की ओर से इन बाल्टियों में भरे उत्पाद को कथित तौर पर कंपनी का असली उत्पाद नहीं होने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस ने सभी बाल्टियों को कब्जे में लेकर जांच के लिए सुरक्षित कर लिया।

पुलिस के मुताबिक बरामद सामान में अलग-अलग श्रेणियों और क्षमता वाली पेंट की बाल्टियां शामिल हैं। इनमें एपेक्स डस्ट प्रूफ की 20 लीटर और 10 लीटर क्षमता वाली बाल्टियां, एपेक्स शाइन की 20 लीटर, एपकोलाइट प्रीमियम इमल्शन की 20 लीटर तथा ट्रैक्टर इमल्शन की 20 और 10 लीटर क्षमता वाली बाल्टियां शामिल बताई गई हैं।

आरोप है कि इन बाल्टियों पर कंपनी के उत्पादों से संबंधित नाम और पहचान का इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि इनके अंदर अलग-अलग प्रकार का कथित नकली पेंट भरा हुआ था। बरामद उत्पादों की वास्तविकता और उनकी सप्लाई से जुड़े तथ्यों की जांच पुलिस कर रही है।

SGM नगर थाना प्रभारी अरविन्द के मुताबिक दुकान मालिक विकास गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के साथ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नकली पेंट दुकान तक कहां से पहुंचा, इसकी सप्लाई कौन कर रहा था और इस कारोबार से अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं। बरामद सामान के संबंध में भी आगे की जांच की जा रही है।

फिलहाल दुकान मालिक के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। मामले में दोष का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

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