₹253 के लिए ढाई साल तक लड़ी कानूनी लड़ाई, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को राशि लौटाने का दिया आदेश

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Faridabad News

हरियाणा के फरीदाबाद में एक उपभोक्ता ने मात्र 253 रुपये के लिए करीब ढाई साल तक कानूनी लड़ाई लड़कर मिसाल पेश की। मामला वाहन की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से जुड़ा था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि नंबर प्लेट के लिए दो बार शुल्क लिया गया, लेकिन निर्धारित समय पर प्लेट उपलब्ध नहीं कराई गई।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने संबंधित कंपनी से हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि प्रक्रिया के दौरान उससे दो बार शुल्क वसूला गया, लेकिन इसके बावजूद नंबर प्लेट जारी नहीं की गई। कई बार संपर्क करने के बाद भी समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क आयोग के समक्ष रखे। उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद आयोग ने शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने संबंधित कंपनी को अतिरिक्त वसूली गई राशि लौटाने का निर्देश दिया।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपभोक्ता से ली गई राशि के संबंध में उचित सेवा प्रदान की जानी चाहिए थी। यदि सेवा समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई और उपभोक्ता से दोबारा शुल्क लिया गया, तो उसकी भरपाई करना सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है।

उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो छोटी राशि होने के कारण अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाते। यह मामला बताता है कि उपभोक्ता कानून के तहत प्रत्येक नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।

फिलहाल आयोग के आदेश के बाद संबंधित कंपनी को निर्धारित राशि लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की प्रक्रिया आयोग के आदेशों के अनुसार पूरी की जाएगी।

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