कई कक्षाओं में फर्नीचर की कमी का आरोप, बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ते देखा गया
झज्जर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर CJP की टीम ने रियलिटी चेक किया। दिल्ली से पहुंची टीम ने जिले के कुछ सरकारी विद्यालयों का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई कक्षाओं में बच्चे दरी पर बैठकर पढ़ाई करते दिखाई दिए। टीम ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।
निरीक्षण के दौरान टीम ने कक्षाओं, विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था और स्कूल परिसर की स्थिति को देखा। दावा किया गया कि कुछ कमरों में पर्याप्त डेस्क-बेंच उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण बच्चों को जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की आवश्यकता को लेकर टीम ने प्रशासन से सवाल किए।
CJP टीम ने स्कूल प्रबंधन से विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों से जुड़ी जानकारी भी ली। निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में जानने की कोशिश की गई। टीम ने स्कूलों में मौजूद कमियों को रिकॉर्ड किया और उन्हें सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया।
सरकारी स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होना विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए महत्वपूर्ण है। यदि किसी विद्यालय में इन सुविधाओं की कमी है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि उसे समय रहते दूर किया जाए।
हालांकि, CJP टीम के निरीक्षण में सामने आए दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। स्कूल प्रशासन या विभाग की ओर से इन व्यवस्थाओं को लेकर अलग पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल झज्जर के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को लेकर किए गए इस रियलिटी चेक ने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में उपलब्ध संसाधनों पर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन कमियों को लेकर क्या कदम उठाता है।
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