गुरुग्राम में कचरा संग्रहण और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने नई व्यवस्था तैयार की है। शहर में घर-घर से कचरा उठाने, उसका परिवहन करने और कचरा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए पांच साल के अनुबंधों पर करीब 647.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री कार्यालय जैसी प्रमुख संस्थाओं में सेवाएं देने वाली BVG India Limited को भी जिम्मेदारी मिली है
नगर निगम ने कचरा संग्रहण व्यवस्था को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की योजना बनाई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य घरों, अपार्टमेंट, दुकानों, कार्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से कचरा उठाना और उसे निर्धारित स्थानों तक पहुंचाना है। लंबे समय के अनुबंध से निगम को उम्मीद है कि बार-बार अस्थायी एजेंसियां बदलने की समस्या कम होगी और सफाई व्यवस्था में निरंतरता आएगी।
857 वाहनों से होगा कचरा संग्रहण
रिपोर्टों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत दोनों प्रमुख क्लस्टरों में कुल 857 वाहनों की तैनाती की जानी है। अनुबंध की शर्तों के मुताबिक, पहले महीने में निर्धारित वाहनों में से 50 प्रतिशत तैनात करने और दूसरे महीने तक पूरी तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। एजेंसियों को कचरा संग्रहण के साथ उसे आगे पहुंचाने और परिवहन व्यवस्था को भी सुचारु रखना होगा
कचरे को सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट से बंधवाड़ी लैंडफिल तक पहुंचाने और परिवहन से पहले उसे संपीड़ित करने के लिए मशीनों की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इससे कचरे के परिवहन को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, कचरा निस्तारण की दीर्घकालिक समस्या का समाधान प्रसंस्करण संयंत्रों और वैकल्पिक स्थलों की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, सफाई और कचरा प्रबंधन के काम में तीन एजेंसियां शामिल हैं। BVG India Limited को ईस्ट जोन और क्लस्टर-II, जिगर ट्रांसपोर्ट कंपनी को वेस्ट जोन और दिल्ली MSW सॉल्यूशंस लिमिटेड को क्लस्टर-I की जिम्मेदारी दी गई है। इन एजेंसियों का चयन शहर में कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
बताया गया है कि नई व्यवस्था नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में वाहनों, कर्मचारियों और मशीनों की तैनाती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एजेंसियां निर्धारित समय पर कचरा उठाती हैं या नहीं और शिकायतों का समाधान कितनी तेजी से किया जाता है।
शिकायतों और निगरानी पर रहेगा जोर
नई व्यवस्था में कचरा संग्रहण की निगरानी, नियमित रिकॉर्ड और एजेंसियों की जवाबदेही अहम होगी। गुरुग्राम में पहले भी अनियमित कचरा उठान और जगह-जगह कचरा जमा होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में पांच साल के अनुबंध से नगर निगम को उम्मीद है कि सफाई सेवाओं में सुधार होगा।
अब शहरवासियों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद घर-घर से कचरा उठाने की नियमितता बढ़ती है या नहीं और सड़कों व रिहायशी इलाकों में जमा कचरे की समस्या कितनी कम होती है।
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