हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे गेस्ट टीचर्स ने चंडीगढ़ कूच का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया है। अंबाला में प्रदेश के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक में शिक्षकों की मांगों और उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। सहमति के बाद अब गेस्ट टीचर्स की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ 2 नवंबर को बैठक प्रस्तावित है।
गेस्ट टीचर्स लंबे समय से अपनी सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर सरकार के समक्ष पक्ष रख रहे हैं। शिक्षकों की ओर से मांगों के समाधान के लिए बातचीत की पहल की जा रही है। चंडीगढ़ कूच का उद्देश्य भी सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाना और उन पर ठोस निर्णय कराने का दबाव बनाना था।
अनिल विज के साथ बैठक के बाद लिया फैसला
अंबाला में अनिल विज के साथ हुई बैठक में गेस्ट टीचर्स के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं। बातचीत के बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने पर सहमति बनी। इसके बाद शिक्षकों ने फिलहाल चंडीगढ़ कूच टालने का निर्णय लिया।
आंदोलन स्थगित होने से सरकार और गेस्ट टीचर्स के बीच बातचीत के जरिए समाधान तलाशने का रास्ता खुला है। हालांकि, आंदोलन को पूरी तरह समाप्त करने या सभी मांगों पर अंतिम सहमति बनने की जानकारी सामने नहीं आई है। आगे की स्थिति मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक के परिणाम पर निर्भर करेगी।
2 नवंबर की बैठक पर टिकी नजरें
अब गेस्ट टीचर्स की नजर 2 नवंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ प्रस्तावित बैठक पर है। इस बैठक में शिक्षकों की मांगों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। शिक्षक संगठनों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
बैठक में किन मांगों पर सहमति बनती है और सरकार की ओर से क्या आश्वासन दिया जाता है, यह आगे स्पष्ट होगा। फिलहाल चंडीगढ़ कूच स्थगित होने के बाद आंदोलन की अगली रणनीति मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के नतीजे के आधार पर तय की जा सकती है।
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