हरियाणा में बिजली बिलों के बकाया को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। ऊर्जा मंत्री Anil Vij ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि करीब 8200 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान की वसूली के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि सभी डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को 15 दिनों के भीतर नोटिस जारी किए जाएं और यह उनके लिए आखिरी अवसर होगा।
मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि लंबे समय से बकाया भुगतान न होने के कारण बिजली वितरण व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। ऐसे में अब ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने समय पर बिल नहीं भरे हैं, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें कनेक्शन काटना भी शामिल हो सकता है।
Anil Vij ने यह भी भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार गर्मी के मौसम में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और उपभोक्ताओं को निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भारी राशि बकाया है। इसको देखते हुए अब वसूली अभियान को तेज करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे क्षेत्रवार समीक्षा करें और बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें।
इस कदम से जहां विभाग की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है, वहीं उपभोक्ताओं पर भी समय पर बिल भुगतान का दबाव बढ़ेगा। सरकार का मानना है कि इस सख्ती से बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सकेगा।
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