दिल्ली कूच की घोषणाओं के बीच हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कई प्रमुख सीमाओं और मार्गों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर नजर बढ़ा दी है। विभिन्न स्थानों पर किसानों और CJP समर्थकों को दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। इसी दौरान कई नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए की जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा प्रमुख हाईवे और बॉर्डर पॉइंट्स पर वाहनों की जांच भी की जा रही है।
दूसरी ओर, किसान संगठनों और संबंधित पक्षों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाना चाहते हैं। उनका आरोप है कि लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को सीमित किया जा रहा है। यह संबंधित संगठनों का पक्ष है।
इसी घटनाक्रम के बीच नारनौल में एक प्रिंसिपल के निलंबन की खबर भी सामने आई है। हालांकि, निलंबन के कारणों को लेकर संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं, विभिन्न संगठनों की आगामी रणनीति और प्रशासन की आगे की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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