शिक्षा विभाग में नियुक्तियों पर घमासान, अनुभव और योग्यता को लेकर विवाद

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Haryana education department

नियमों को दरकिनार कर प्रोग्रामरों की नियमितीकरण प्रक्रिया पर सवाल, खजाने को नुकसान का दावा

हरियाणा के शिक्षा विभाग में प्रोग्रामरों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विभागीय स्तर पर उठे सवालों ने नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। सहायक निदेशक स्तर की अधिकारी ने आरोप लगाया है कि निर्धारित नियमों की अनदेखी कर कुछ कर्मियों को स्थायी किया गया, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ा है।

बताया जा रहा है कि नियमितीकरण के दौरान अनुभव और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। कुछ मामलों में आवश्यक डिग्री और निर्धारित कार्यानुभव की शर्तों को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। अधिकारी का कहना है कि यदि प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो भविष्य में विभाग को वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे को लेकर विभाग के भीतर चर्चा तेज हो गई है और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नियुक्ति या नियमितीकरण प्रक्रिया में स्पष्ट दिशा-निर्देश और योग्यता मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके और सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो।

फिलहाल मामले की जांच और प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा जारी है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण पर विस्तृत रिपोर्ट सामने आने की संभावना है।

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