CM और बिजली मंत्री से बातचीत के बाद बनी सहमति
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की करीब 45 घंटे से जारी हड़ताल शुक्रवार शाम समाप्त हो गई। गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने काम बंद किया था। इससे प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार शाम पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। बातचीत के दौरान सरकार की ओर से निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द कराने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
HERC को लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सरकार ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) को पत्र लिखकर निजी कंपनी का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है। उन्होंने अधिकारियों को बिजली अधिनियम की धारा 108 के तहत आवश्यक कार्रवाई के संबंध में भी आश्वासन दिया।
ऑल हरियाणा पावर वर्कर यूनियन के नेता देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने निजी कंपनी को हरियाणा में काम नहीं करने देने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया है। अब इस मामले में 3 नवंबर को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच दोबारा बैठक होगी।
15 जिलों में बिजली संकट से लोग परेशान
गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल का असर प्रदेश के करीब 15 जिलों में देखने को मिला। शुक्रवार को भी कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। अंबाला, हिसार, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, सोनीपत और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर परेशान लोग सड़कों पर उतर आए।
बिजली संकट का असर आम जनजीवन के साथ-साथ कारोबार और संस्थानों पर भी पड़ा। कुरुक्षेत्र और कैथल की बार एसोसिएशन ने हड़ताल के चलते वर्क सस्पेंड रखा। वहीं, पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने की जानकारी भी सामने आई।
सभी जिलों में सप्लाई बहाल करने के निर्देश
हड़ताल समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिजली बाधित होने वाले सभी जिलों में तत्काल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों से बिजली व्यवस्था की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है।
अब कर्मचारियों की मांगों, निजी कंपनी के लाइसेंस और सरकार की ओर से प्रस्तावित कार्रवाई पर 3 नवंबर की बैठक में आगे चर्चा होगी। फिलहाल, बिजली आपूर्ति सामान्य करने और प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्था बहाल करने पर प्रशासन का ध्यान है।
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