रिश्वत लेते पकड़े गए कर्मचारियों पर सख्ती, जमानत के बाद भी उसी स्टेशन पर नहीं मिलेगी तैनाती

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Haryana Government

हरियाणा सरकार ने रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए और जमानत पर बाहर आए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे कर्मचारियों को उनके पुराने पद और स्टेशन पर तैनात न रखा जाए। सतर्कता विभाग के निर्देशों के अनुसार, उन्हें शिकायतकर्ताओं और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए दूसरे दूरस्थ स्टेशन पर भेजा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना है। अधिकारियों को आशंका है कि यदि आरोपित कर्मचारी उसी स्थान पर कार्यरत रहते हैं, जहां कथित भ्रष्टाचार हुआ था, तो वे शिकायतकर्ताओं या गवाहों पर दबाव डाल सकते हैं। ऐसे में उनकी तैनाती बदलने से जांच प्रक्रिया पर अनुचित प्रभाव पड़ने की आशंका कम की जा सकेगी।

सतर्कता विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वर्तमान क्षेत्राधिकार से दूर किसी अन्य स्टेशन पर स्थानांतरित किया जाएगा। जहां तक संभव हो, उन्हें आसपास के सीमावर्ती जिलों से भी बाहर तैनात किया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े लोगों पर किसी प्रकार का अनुचित प्रभाव न पड़े और मुकदमे की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से हो सके।

जिला कैडर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मामलों में उन्हें उसी जिले के भीतर किसी दूसरे दूरस्थ स्टेशन पर भेजने का प्रावधान रखा गया है। इससे संबंधित जिले में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ शिकायतकर्ताओं और गवाहों को संभावित दबाव से बचाने का प्रयास किया जाएगा।

सतर्कता विभाग के अनुसार, अब तक 190 भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों को चिन्हित किया गया है। वहीं, एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिछले नौ महीनों में 155 रेड कीं और 90 जांच दर्ज कीं। इनमें से 60 जांचों का निपटान कर रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।

सरकार के इन निर्देशों को भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने और जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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