हरियाणा के रेवाड़ी में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ऑनलाइन टास्क देकर 2 लाख 2 हजार 365 रुपये की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के बाड़मेर जिले के गांव खारी निवासी गोरखा राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस मामले में पहले गिरफ्तार हो चुके माना राम का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था।
पुलिस ने गोरखा राम को अदालत से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में इससे पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पहले 66 रुपये देकर दिया भरोसा
मामले की शिकायत हिसार जिले के गांव भैणी अमीरपुर निवासी अमरजीत ने दर्ज कराई थी। वह वर्तमान में धारूहेड़ा के सेक्टर-4ए में किराए पर रहता है। अमरजीत ने 18 जनवरी 2025 को पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 जनवरी को उसके मोबाइल पर वर्क फ्रॉम होम के जरिए पैसे कमाने का संदेश आया था।
शिकायत के अनुसार, ऑनलाइन काम के जरिए कमाई का अवसर मिलने पर उसने प्रक्रिया में हिस्सा लिया। शुरुआत में उसे 66 रुपये दिए गए। इसके बाद उसे ऑनलाइन टास्क दिए गए। इस तरह शुरुआती भुगतान के जरिए भरोसा कायम करने के बाद उससे आगे की प्रक्रिया कराई गई।
मामले में कुल 2,02,365 रुपये की साइबर ठगी का आरोप है। पुलिस की जांच में बैंक खातों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका सामने आई। इसी जांच के आधार पर गोरखा राम को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अब मामले में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। वर्क फ्रॉम होम के नाम पर होने वाली ऐसी ठगी से बचने के लिए लोगों को अनजान संदेशों पर भरोसा करने और ऑनलाइन कमाई के लालच में पैसे जमा कराने से बचना चाहिए।
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