हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के जिला अस्पतालों, ब्लड बैंकों और प्रयोगशालाओं में चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए 3.26 करोड़ रुपये की खरीद योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य अस्पतालों में दवा और जांच संबंधी सुविधाओं को मजबूत करना, ब्लड बैंकों की कार्यक्षमता बढ़ाना और शवगृहों (मॉर्च्युरी) में जगह की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करना है।
इस फैसले के साथ ही प्रदेशभर में चिकित्सा उपकरणों की केंद्रीकृत डिजिटल सूची तैयार करने की योजना भी बनाई गई है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के पास अस्पतालों में उपलब्ध उपकरणों का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा और उनकी ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी।
खरीद योजना को मिली मंजूरी
यह निर्णय स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्वास्थ्य खरीद विशेष स्थायी खरीद समिति (एसएसपीसी) की बैठक में लिया गया। बैठक में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की जरूरतों के अनुरूप चिकित्सा उपकरणों की खरीद और सुविधाओं के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया।
3.26 करोड़ रुपये की इस खरीद योजना से जिला अस्पतालों, ब्लड बैंकों और लैब में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे मरीजों को आवश्यक जांच और उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा उपकरणों की बनेगी डिजिटल कुंडली
स्वास्थ्य विभाग पूरे हरियाणा में चिकित्सा उपकरणों का केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करेगा। इस व्यवस्था के तहत विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मौजूद उपकरणों की जानकारी एक डिजिटल प्रणाली में दर्ज की जाएगी। इससे उपकरणों की उपलब्धता और उनकी स्थिति पर ऑनलाइन नजर रखने में मदद मिलेगी।
डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने से स्वास्थ्य विभाग को उपकरणों से संबंधित जानकारी व्यवस्थित रखने और जरूरतों का आकलन करने में सुविधा मिल सकती है। इससे संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और खरीद प्रक्रिया की निगरानी को भी मजबूती मिलने की संभावना है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को आधुनिक बनाना और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। जिला अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, ब्लड बैंकों और शवगृहों से जुड़ी सुविधाओं में सुधार होने पर मरीजों तथा उनके परिजनों को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, योजना का वास्तविक असर उपकरणों की खरीद, उनकी स्थापना और डिजिटल निगरानी व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वीकृत राशि से किन उपकरणों की खरीद होती है और अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किस प्रकार किया जाता है।
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