क्रेडिट कार्ड का सालाना शुल्क हटाने के बहाने साइबर ठगी, पंचकूला के कपड़ा व्यापारी से 3.08 लाख रुपये निकाले

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Panchkula Cyber Crime

पंचकूला। साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड का वार्षिक शुल्क हटाने का झांसा देकर पंचकूला के एक कपड़ा व्यापारी को 3.08 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपियों ने व्यापारी को एक लिंक भेजा, जिसके जरिए मोबाइल फोन को निशाना बनाकर तीन अलग-अलग बैंक खातों से रकम निकाल ली। मामले में ठगी का तरीका सामने आने के बाद ऑनलाइन लेनदेन और अनजान लिंक को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत फिर उजागर हुई है।

जानकारी के अनुसार, रायपुररानी के मेन बाजार में ‘बाला जी गारमेंट्स’ नाम से दुकान चलाने वाले सुमित कुमार के पास 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:24 बजे एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को इंडसइंड बैंक का कर्मचारी बताया। उसने सुमित को कहा कि उनके क्रेडिट कार्ड पर वार्षिक शुल्क यानी एनुअल चार्ज लगने वाला है।

कार्ड बंद कराने की बात कही तो भेजा लिंक

फोन करने वाले की बात सुनने के बाद सुमित कुमार ने क्रेडिट कार्ड बंद करने की इच्छा जताई। इसके बाद आरोपी ने उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उससे जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए विवरण भरने को कहा। सुमित ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, मोबाइल स्क्रीन पर ‘Allow’ का पॉप-अप दिखाई दिया।

इस दौरान आरोपी ने उनसे क्रेडिट कार्ड की फोटो और निजी जानकारी भी मांगी। यह मांग संदिग्ध लगने पर सुमित को शक हुआ। उन्होंने तुरंत फोन कॉल काट दी और संबंधित वेबसाइट को बंद कर दिया।

तीन अलग-अलग खातों से निकाली रकम

शिकायत में सामने आए विवरण के अनुसार, इस घटना में व्यापारी को कुल 3.08 लाख रुपये का नुकसान हुआ। ठगों ने तीन अलग-अलग खातों से रकम निकाल ली। शुरुआती तौर पर यह मामला बैंक कर्मचारी बनकर ऑनलाइन ठगी करने और संदिग्ध लिंक के जरिए मोबाइल को निशाना बनाने से जुड़ा बताया गया है।

साइबर ठगी के ऐसे मामलों में अपराधी बैंक अधिकारी होने का दावा करके लोगों को डराते या किसी शुल्क से बचाने का लालच देते हैं। इसके बाद लिंक पर क्लिक करवाकर निजी जानकारी या मोबाइल की अनुमति हासिल करने की कोशिश की जाती है।

अनजान लिंक से रहें सावधान

साइबर सुरक्षा के लिहाज से बैंक से संबंधित किसी भी कॉल पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। क्रेडिट कार्ड का शुल्क हटाने या कार्ड बंद करने के लिए अनजान लिंक खोलने के बजाय बैंक के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या सत्यापित ग्राहक सेवा नंबर का इस्तेमाल करना सुरक्षित है। किसी संदिग्ध वेबसाइट को मोबाइल की अनुमति देना या कार्ड की फोटो साझा करना भी नुकसानदेह हो सकता है।

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