हरियाणा की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और उनके परिवार के साथ चल रही जुबानी खींचतान के बीच सिरसा से कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया गुरुवार को उचाना पहुंचे। यहां PWD रेस्ट हाउस में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले वीरेंद्र घोघड़िया ने चाय पर मुलाकात कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान राजनीतिक चर्चाओं के बीच गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे बृजेंद्र सिंह पर निशाना साधा।
गोकुल सेतिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर उन्हें उचाना नहीं आने की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि वह उचाना के रेस्ट हाउस में बैठे हैं और बताया जाए कि उन्हें कहां आना है। उनके इस बयान को क्षेत्र में चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने बीरेंद्र सिंह और बृजेंद्र सिंह को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि जो लोग अपने परिवार और सर छोटूराम के नहीं हुए, वे कांग्रेस के कैसे हो सकते हैं। उनके इस बयान से हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
इस दौरान सेतिया ने वीरेंद्र घोघड़िया की कांग्रेस में वापसी का समर्थन भी किया। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि घोघड़िया को दोबारा पार्टी में शामिल करवाया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर वह कांग्रेस हाईकमान के सामने पैर पकड़कर भी प्रार्थना करेंगे। उनके इस बयान को घोघड़िया की पार्टी में वापसी की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
2024 के चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर लड़े थे निर्दलीय
उचाना विधानसभा सीट पर 2024 के चुनाव के दौरान कांग्रेस की टिकट को लेकर राजनीतिक समीकरण बदले थे। वीरेंद्र घोघड़िया कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पार्टी ने भाजपा छोड़कर आए पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। इसके बाद घोघड़िया ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और करीब 31,500 वोट हासिल किए।
वहीं, बृजेंद्र सिंह को भाजपा के देवेंद्र अत्री के सामने बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। वह महज 32 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे।
अब गोकुल सेतिया के बयान और घोघड़िया की कांग्रेस में वापसी के समर्थन ने उचाना की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, उनकी पार्टी में वापसी को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को ही करना होगा।
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