हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर-2026 के तहत लंबित नोटिसों के निपटान के लिए 7, 8 और 9 अक्टूबर को विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्रदेश के सभी 20,864 मतदान केंद्रों पर यह अभियान चलेगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर मतदाताओं से दस्तावेज प्राप्त कर लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।
सीईओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक कुल 44 लाख 91 हजार 923 नोटिस जनरेट किए गए हैं। इनमें से 3 लाख 43 हजार 127 मतदाताओं ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। विशेष शिविरों का उद्देश्य इन लंबित नोटिसों का निपटान करना और मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
निर्देशों के अनुसार, बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ अपने संबंधित मतदान केंद्रों पर शिविर लगाएंगे। इसके साथ ही वे घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और संबंधित दस्तावेज प्राप्त करेंगे। दस्तावेजों के आधार पर लंबित नोटिसों का मौके पर निपटान करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस दौरान मतदान केंद्रों पर शिविर और घर-घर सत्यापन, दोनों माध्यमों से काम किया जाएगा।
अभियान की निगरानी के लिए निर्वाचक पंजीयन अधिकारी यानी ईआरओ और सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी यानी एईआरओ को फील्ड में निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। ये अधिकारी शिविरों में पहुंचकर बीएलओ के कार्य की समीक्षा करेंगे और अभियान की प्रगति का जायजा लेंगे।
बीएलओ के कार्य की फोटो और वीडियो तैयार कर निर्वाचन आयोग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा अभियान से संबंधित फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाएंगे। शिविरों में दस्तावेज प्राप्त करने और नोटिसों के निपटान के काम की निगरानी इसी प्रक्रिया के तहत होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने तीन दिवसीय अभियान के दौरान कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिना सूचना अनुपस्थित पाए जाने वाले बीएलओ के खिलाफ निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को शिविरों का निरीक्षण कर निर्धारित कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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