चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा में गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली सप्लाई का लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हो गई है। हड़ताल के पहले दिन प्रदेश के 15 जिलों में बिजली सेवाएं प्रभावित होने की खबर सामने आई। कई इलाकों में बिजली का फॉल्ट आने के बावजूद मरम्मत कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति के चलते कुछ स्थानों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध भी जताया।
जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम, हिसार, हांसी, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, झज्जर, फरीदाबाद, पानीपत, पंचकूला, रोहतक, जींद, कैथल, करनाल, यमुनानगर और अंबाला में हड़ताल का असर देखने को मिला। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ सरकारी कार्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
करनाल और फरीदाबाद में सड़क पर उतरे लोग
बिजली कटौती और समस्याओं का समाधान नहीं होने से परेशान लोगों ने करनाल और फरीदाबाद में जाम लगा दिया। वहीं, बिजली मंत्री अनिल विज के विधानसभा क्षेत्र अंबाला कैंट में भी रात से बिजली गुल रहने की सूचना मिली।
जींद के नागरिक अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण जनरेटर चलाना पड़ा। अस्पताल के हॉटलाइन से जुड़े होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ा। दूसरी ओर, झज्जर सचिवालय में बिजली नहीं होने से सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ।
सरकार ने बिजलीघरों पर पुलिस तैनात की
हड़ताल के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने बिजलीघरों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। इसके साथ ही बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए उपलब्ध कर्मचारियों का उपयोग किया जा सके।
बिजली कर्मचारियों की नाराजगी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का लाइसेंस देने के फैसले को लेकर है। कर्मचारी इस निर्णय को वापस लेने और निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बातचीत की अपील की
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल पर नहीं जाने की अपील करते हुए कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हैं। सरकार और कर्मचारियों के बीच इस विवाद का समाधान निकलने पर ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
फिलहाल हड़ताल के चलते प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करना और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करना प्रमुख चुनौती बना हुआ है।
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