हरियाणा में मौसम फिर बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में ओलावृष्टि का अलर्ट बताया गया है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, चारों जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों तथा मंडियों में खुले में रखी कृषि उपज प्रभावित हो सकती है।
कैथल, करनाल, पानीपत और जींद में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। यहां गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और चरखी दादरी में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। महेंद्रगढ़ में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले दो दिनों में तापमान गिरने के आसार हैं।
16 अक्टूबर को भी कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद 17 अक्टूबर से मौसम में सुधार होने की संभावना है।
किसानों को कटाई के बाद खेतों और मंडियों में रखी उपज सुरक्षित स्थान पर रखने या ढकने की सलाह दी गई है। बारिश और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदान, बड़े पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने और ताजा मौसम चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है।
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