हिसार : जिले के किरतान गांव स्थित कस्तूरबा गांधी स्कूल में एडमिशन के लिए पहुंची 14 वर्षीय छात्रा से हॉस्टल वार्डन द्वारा कथित दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई। विभाग ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की और जांच के बाद हॉस्टल वार्डन सुमन का तबादला कर दिया गया।
रोहताश के मुताबिक पिछले सप्ताह एक परिचित ने अपनी 14 वर्षीय बेटी का स्कूल में दाखिला कराने के लिए मदद मांगी थी। इसके बाद वह छात्रा और उसके परिजनों के साथ किरतान स्थित स्कूल पहुंचे।
स्कूल में स्टाफ से एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर बातचीत की गई। स्टाफ ने दाखिले के लिए जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी। इसी दौरान छात्रा हॉस्टल वार्डन से भी मिली।
आरोप है कि बातचीत के दौरान वार्डन ने छात्रा की उम्र और उसके हॉस्टल में रहने को लेकर अनुचित टिप्पणी की। छात्रा का आरोप है कि उससे यह भी कहा गया कि यदि उसे हॉस्टल में रहना है तो वार्डन के हाथ-पांव दबाने होंगे।
छात्रा ने घर पहुंचने के बाद पूरी बात अपने परिजनों को बताई। मामला सामने आने के बाद रोहताश ने शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी। ग्रामीणों और अभिभावकों की ओर से भी मामले को लेकर आपत्ति जताई गई।
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की। ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) राकेश कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी में शाहपुर के प्रिंसिपल आदर्श चौधरी और पीरांवाली की प्रिंसिपल गीता सहरावत को शामिल किया गया।
कमेटी सोमवार को स्कूल पहुंची और मामले की जांच की। इस दौरान हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए गए। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ अन्य छात्राओं ने भी वार्डन के व्यवहार को लेकर शिकायतें रखीं। इन दावों का विस्तृत विवरण विभाग की जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
विभागीय जांच के बाद हॉस्टल वार्डन सुमन का तबादला कर दिया गया। हालांकि तबादले को किसी आपराधिक दोष के निर्धारण के रूप में नहीं देखा जा सकता। मामले में विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों और कार्रवाई का अंतिम आधार संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड होगा।
BEO राकेश कुमार ने बताया कि एक छात्रा की ओर से वार्डन पर आरोप लगाए जाने के बाद कमेटी गठित कर स्कूल में जांच कराई गई थी। जांच के बाद हॉस्टल वार्डन का तबादला कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि स्कूल में अब व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। पात्र छात्राएं यहां दाखिला लेकर निशुल्क शिक्षा के साथ हॉस्टल में रहने और भोजन जैसी उपलब्ध सुविधाओं का लाभ ले सकती हैं।
मामला नाबालिग छात्रा से जुड़ा होने के कारण उसकी पहचान और अन्य निजी विवरण सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।
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