सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर की आदर्श कॉलोनी स्थित राजकीय मिडल स्कूल से आंगनवाड़ी केंद्र को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने का मामला मंगलवार को तूल पकड़ गया। आंगनवाड़ी केंद्र को स्कूल परिसर से हटाने के विरोध में वार्ड के काफी संख्या में लोग स्कूल गेट के सामने एकत्रित हो गए और शिफ्टिंग के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया। लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र को स्कूल परिसर में ही संचालित किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे छोटे बच्चों और उनके अभिभावकों को सुविधा मिलती है। जानकारी के अनुसार राजकीय मिडल स्कूल की इमारत के एक हिस्से में लंबे समय से आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है। वहीं स्कूल भवन के चार कमरों को कंडम घोषित किया जा चुका है। स्कूल की ओर से भवन की स्थिति और विद्यार्थियों के लिए कमरों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया था। इसके बाद उच्च अधिकारियों की ओर से स्कूल परिसर में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्र को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आदेश के बाद स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है।
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डेढ़ किलोमीटर दूर शिफ्टिंग का विरोध
आंगनवाड़ी केंद्र को शिफ्ट करने का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से केंद्र को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्थानांतरित करने की बात कही गई है। यह स्थान वर्तमान केंद्र से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। लोगों के अनुसार वहां तक पहुंचने के लिए कई व्यस्त मुख्य सड़कों को पार करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चे बेहद छोटे होते हैं। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को भी केंद्र की सेवाओं का लाभ लेने के लिए वहां पहुंचना पड़ता है। ऐसे में डेढ़ किलोमीटर दूर केंद्र तक आने-जाने में उन्हें परेशानी होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह दूरी और व्यस्त सड़कों को पार करना जोखिम भरा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनवाड़ी में आने वाले छोटे बच्चे स्कूल परिसर में पढ़ने वाले बड़े बच्चों के साथ ही आते-जाते हैं। आगे चलकर इनमें से कई बच्चों का दाखिला भी इसी राजकीय स्कूल में होता है। इसलिए आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन स्कूल परिसर में जारी रखना बच्चों के हित में है। लोगों ने प्रशासन से शिफ्टिंग के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
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प्रिंसिपल बोले- 150 बच्चों के लिए कम पड़ रहे कमरे
वहीं स्कूल के प्रिंसिपल शमशेर सिंह का कहना है कि स्कूल भवन के चार कमरे कंडम घोषित हो चुके हैं। स्कूल में करीब 150 विद्यार्थी पढ़ते हैं और उनके लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित कमरों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में स्कूल परिसर में आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन जारी रखना संभव नहीं है। प्रिंसिपल के अनुसार, इस संबंध में उपायुक्त जींद और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से आंगनवाड़ी केंद्र को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के आदेश जारी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से स्कूल में नए आठ कमरों के निर्माण के लिए 65 लाख रुपये की ग्रांट जारी की गई है। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। नए कमरों का निर्माण होने के बाद विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त कक्ष उपलब्ध हो सकेंगे।
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स्कूल प्रशासन ने पुलिस में दी शिकायत
लोगों के स्कूल गेट पर एकत्रित होने के बाद प्रिंसिपल शमशेर सिंह ने पुलिस, एसडीएम और बीईओ को शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी तत्वों और बड़ी संख्या में महिलाओं ने बिना अनुमति विद्यालय परिसर में प्रवेश किया तथा विद्यालय का अनुशासन खराब करने का प्रयास किया। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जबरदस्ती मिड-डे मील के कमरे में भी घुस गए और वहां काम करने वाले वर्करों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी की। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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