जींद/सफीदों (एस• के• मित्तल)। हरियाणा के जींद जिले में संगठित अपराध से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस और उसके भाई अनमोल के कथित नेटवर्क को लेकर कई अहम दावे किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह विदेश से विभिन्न माध्यमों के जरिए भारत में सक्रिय लोगों तक धनराशि पहुंचाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिलाता है।
क्रिप्टो और हवाला से फंडिंग का दावा
पुलिस ने अदालत में बताया कि कथित गिरोह रेमिटली, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला चैनलों के माध्यम से भारत में करीब 30 से 40 लोगों को पैसे भेजता है। इन पैसों का इस्तेमाल कथित तौर पर रंगदारी वसूली, होटल में ठहरने, हथियारों के परिवहन और फायरिंग जैसी गतिविधियों में किया जाता है।
सिग्नल ऐप से संपर्क में रहने का आरोप
मामले में गिरफ्तार पानीपत जिले के आसन कलां गांव निवासी 25 वर्षीय दिनेश पर भी गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, दिनेश गोपनीय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल के माध्यम से गैंगस्टर अनिल पंडित के लगातार संपर्क में था। जांच में उसे 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलने की बात भी सामने आई है।
पिता के इलाज के लिए पैसे मिलने की दलील
जमानत सुनवाई के दौरान दिनेश के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और उनके इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिली थी। बचाव पक्ष ने इसी आधार पर राहत देने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने दलील स्वीकार नहीं की।
अदालत ने जमानत याचिका की खारिज
जींद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने गुरुवार को दिनेश की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने आरोपों की गंभीरता, कथित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े पहलुओं को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं माना।
यह मामला थाना सदर सफीदों में 12 दिसंबर 2024 को दर्ज एफआईआर संख्या 363 से संबंधित है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(3), 111(4), 111(5) और 111(6) लगाई गई हैं। दिनेश 24 जून 2026 से जेल में बंद है। मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना बाकी है।
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