कुरुक्षेत्र लूट मामले में बड़ा सुराग, दो राज्यों में संदिग्ध ठिकानों की पड़ताल तेज

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Kurukshetra Crime

कुरुक्षेत्र में हुई करीब ₹3.15 करोड़ की लूट के मामले में पुलिस की जांच लगातार नए पड़ाव पर पहुंच रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि वारदात से संबंधित सामान को बदमाशों ने अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था। पुलिस को कुल्लू और सोनीपत में ऐसे संभावित ठिकानों की जानकारी मिली है, जिसके बाद जांच टीमों ने दोनों जगहों पर अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किस रास्ते से निकले और लूट की रकम या सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में किस-किस व्यक्ति ने उनकी मदद की। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए सामान को एक ही जगह रखने के बजाय अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, संभावित लोकेशन, यात्रा के रास्ते और संदिग्ध लोगों से संपर्क जैसे पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है। इसके साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात के पीछे कोई संगठित आपराधिक नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

जांच के दौरान गोदारा और भाऊ गैंग से संभावित संबंधों को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। हालांकि, किसी गैंग से सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने से पहले नहीं की गई है। पुलिस हर संभावित एंगल को खंगालकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

₹3.15 करोड़ की इस बड़ी वारदात में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लूट से जुड़े सामान की पूरी बरामदगी है। फिलहाल अलग-अलग टीमों द्वारा संभावित ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

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