कुरुक्षेत्र में गेहूं की फसल पर पानी डाले जाने के विवाद को लेकर किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे किसान संगठनों ने आज बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। किसानों का कहना है कि जब तक संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
किसान नेताओं के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पुतला दहन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी अपनी आंखों और मुंह पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध भी जताएंगे। उनका कहना है कि यह कदम किसानों की आवाज को अनदेखा किए जाने के विरोध में उठाया जा रहा है।
विवाद उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें गेहूं की फसल पर पानी डाले जाने का आरोप लगाया गया था। किसानों का दावा है कि इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठन एकजुट होकर आंदोलन चला रहे हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। दूसरी ओर प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं। सभी की नजर आज होने वाले प्रदर्शन पर टिकी है, क्योंकि इससे आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय हो सकती है।
यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि किसान संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विषय पर होने वाले घटनाक्रम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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