कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई के लिए प्रदर्शन की तैयारी, 2 अक्टूबर को निकलेगा रोष मार्च

1
Kurukshetra News

कुरुक्षेत्र में बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को सिख संगत उपायुक्त कार्यालय पर शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन करेगी। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसमें कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा और अन्य सदस्यों के शामिल होने का कार्यक्रम है।

प्रदर्शन से पहले संगत गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में एकत्रित होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह करीब दस बजे संगत गुरुद्वारे से उपायुक्त कार्यालय के लिए रवाना होगी। प्रदर्शन के माध्यम से बंदी सिखों की रिहाई की मांग प्रशासन के सामने रखी जाएगी। कुरुक्षेत्र में पिछले महीने से इस मुद्दे पर रोष प्रदर्शन चल रहे हैं।

एचएसजीएमसी प्रधान झींडा का कहना है कि देश की अलग-अलग जेलों में ऐसे सिख बंदी हैं, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार की ओर से न्याय नहीं किया जा रहा है। झींडा ने कहा कि मांग को लेकर गतिविधियां केवल प्रदर्शन और ज्ञापन देने तक सीमित नहीं रहेंगी।

उन्होंने आगामी रोष मार्च का कार्यक्रम भी बताया। उनके अनुसार, दो अक्टूबर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से मार्च शुरू होगा। मार्च रात में गुरुद्वारा श्री मस्तू आना साहिब पहुंचेगा। वहां संगत के रात्रि विश्राम और ठहरने की व्यवस्था रहेगी।

अगले दिन मार्च तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए आगे बढ़ेगा। वहीं इसका समापन किया जाएगा। इस प्रकार कुरुक्षेत्र में उपायुक्त को ज्ञापन देने के बाद अगले दो दिनों में अलग-अलग धार्मिक स्थलों से होकर रोष मार्च निकालने का कार्यक्रम तय किया गया है।

झींडा ने स्वतंत्रता संघर्ष में सिखों के योगदान और कुर्बानियों का उल्लेख करते हुए समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई की मांग के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया जाएगा। संगत से शांतिपूर्ण प्रदर्शन और प्रस्तावित मार्च में भाग लेकर अपनी मांग रखने की अपील की गई है।

Loading