लुधियाना की हनुमान कथा में VIP पास अमान्य, धीरेंद्र शास्त्री बोले—पहले आने वाले आगे बैठेंगे

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Ludhiana Hanuman Katha

लुधियाना में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्री हनुमान कथा के दूसरे दिन रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पंडाल के भीतर और बाहर भीड़ रही। पंजाब के साथ अन्य राज्यों से भी लोग कथा सुनने आए। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने घोषणा की कि कथा पंडाल में VIP पास मान्य नहीं होंगे। जो श्रद्धालु पहले आएंगे, उन्हें व्यासपीठ के पास बैठने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भगवान की कथा में भक्त और प्रभु के बीच किसी पास की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उनकी इस घोषणा का पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। आयोजन की जानकारी के अनुसार, कथा तीन दिन और चलेगी तथा इस दौरान दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। दूसरे दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के एडीजीपी डॉ. शरद चौहान भी कथा सुनने पहुंचे।

रविवार सुबह धीरेंद्र शास्त्री अपने निवास से कथा स्थल के लिए निकले तो रास्ते में बड़ी संख्या में लोग उनके स्वागत के लिए खड़े थे। श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए। कथा स्थल पर भी लोगों की भीड़ बनी रही और श्रद्धालुओं ने उनके प्रवचन सुने।

अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने अभिभावकों से बच्चों को अच्छे संस्कार देने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के लिए संपत्ति या कारोबार छोड़ें या न छोड़ें, उन्हें संस्कार जरूर दें। उनके मुताबिक, संस्कारों की कमी समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के आचरण और परवरिश पर ध्यान देने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री ने पंजाब में नशे और धर्मांतरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की और सिख समुदाय का उल्लेख करते हुए गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं से जुड़े रहने की बात कही। उनके इन वक्तव्यों के बीच कथा का प्रमुख संदेश बच्चों को संस्कार देने और धार्मिक आयोजन में सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर देने का रहा। आगामी दिनों में कथा और प्रस्तावित दिव्य दरबार में भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

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