राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में चल रहे एक महत्वपूर्ण मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। डायरेक्टर के कार्यकाल से जुड़े इस प्रकरण में जांच टीम दोबारा संस्थान का दौरा करेगी और संबंधित कार्यों की फाइलों की गहन जांच की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा मुख्य रूप से उन प्रशासनिक और विकास कार्यों पर केंद्रित रहेगा, जो डायरेक्टर के कार्यकाल के दौरान किए गए थे। टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इन कार्यों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं।
बताया जा रहा है कि जांच टीम पहले भी संस्थान का दौरा कर चुकी है, लेकिन अब कुछ नए तथ्यों और शिकायतों के सामने आने के बाद दोबारा विजिट का निर्णय लिया गया है। इस बार टीम विशेष रूप से दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी और आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी कर सकती है।
संस्थान प्रशासन को पहले ही आवश्यक दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। वहीं, इस मामले को लेकर संस्थान के भीतर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस जांच के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो संस्थान के प्रशासनिक ढांचे और कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजरें जांच टीम की इस दोबारा विजिट पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
![]()











